मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद्

(योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन)

प्रस्फुटन

प्रस्‍फुटन योजना

1) अवधारणा :

प्रदेश के किसी भी गांव/नगर का विकास तब तक नहीं हो सकता जब तक विकास पुरूष स्थानीय न हों। प्रत्येक ग्राम/नगर में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो स्वावलंबन की दिशा में कार्य करते हैं। समाज की इसी स्वैच्छिक प्रवृत्ति को प्रोत्साहन देने हेतु प्रति वर्ष ग्राम/नगरीय क्षेत्रों में प्रस्‍फुटन समितियों का गठन किया जायेगा। स्‍थानीय समस्याओं व उनके समाधान की उपयुक्‍त जानकारी उन्हीं के पास होती है। न्यूनतम संसाधनों से किस प्रकार समुचित लाभ प्राप्त किया जाये इसका भी आंकलन स्‍थानीय लोगों द्वारा ही किया जा सकता है। प्रदेश विकास की योजनाओं/कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए एक उत्प्रेरक समिति के रूप में कार्य करने के लिए परिषद् द्वारा प्रस्फुटन योजना का प्रादुर्भाव किया गया है।इस योजना अन्‍तर्गत प्रत्‍येक ग्राम/वार्ड में प्रस्‍फुटन समितियों का गठन किया जावेगा। प्रस्‍फुटन समितियों के गठन हेतु वार्षिक लक्ष्‍य निम्‍नानुसार होगा-

1.   ग्राम विकास प्रस्‍फुटन समिति- प्रतिवर्ष प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में 10 नये ग्रामों का चयन किया जाकर प्रदेश के 3130 ग्राम विकास प्रस्‍फुटन समिति के गठन हेतु पूर्व की भांति प्रावधान।

2.   नगर विकास प्रस्‍फुटन समिति- नगरीय क्षेत्रों में प्रत्‍येक नगर पंचायतों में 01, नगर पालिका क्षेत्र में 03, नगर निगम क्षेत्र में 10, इस प्रकार प्रति वर्ष 748 नगर विकास प्रस्‍फुटन समितियों के गठन का प्रावधान।

2) लक्ष्य :

आत्‍म निर्भर म.प्र. तथा स्‍वालंबी समाज के निर्माण हेतु सतत् विकास लक्ष्‍यों की प्राप्‍ती के लिये म.प्र. शासन एवं भारत शासन द्वारा लागू की गई योजनाओं/कार्यक्रमों में जनभागीदारी सुनिश्चित करना।

3) उद्देश्य :

  1. स्‍थानीय स्‍तर पर स्‍वैच्छिकता एवं सामूहिकता के आधार पर सक्रिय लोगों को सम्मिलित करते हुए समितियों का गठन करना।
  2. समाज की स्वैच्छिक प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करना तथा स्‍वैच्छिकता व सामूहिक सहभागिता के माध्‍यम से स्‍थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुऐ विकास में सहयोग करना।
  3. केन्‍द्र एवं राज्‍य शासन की जनकल्‍याणकारी योजनाओं के निर्माण, प्रचार-प्रसार एवं उनके क्रियान्‍वयन में सहयोग करना।
  4. गठित समितियों को स्‍वंयसेवी संगठनों के रूप में परिवर्तित करना।

4) समिति का गठन / संरचना :

प्रत्‍येक समिति में कम-से-कम ऐसे 11 व्‍यक्तियों को लिया जायेगा। जो पूर्व से ही ग्राम की विभिन्‍न गतिविधियों, उत्‍सवों व अन्‍य कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भागीदारी कर लोगों को एकत्र कर उनके साथ विकास कार्य करते रहे हों तथा विभिन्‍न अभियानों में अपना सहयोग प्रदान कर सकें। प्रत्‍येक समिति में यथासंभव मुख्‍यमंत्री सामुदायिक नेतृत्‍व क्षमता विकास पाठ्यक्रम में अध्‍ययनरत अथवा अध्‍ययन कर चुके छात्रों को सचिव/सह सचिव के रूप में सम्मिलित किया जायेगा।

प्रस्‍फुटन समिति की संरचना-

क्रमांक पद संख्या
1 अध्यक्ष 1
2 उपाध्यक्ष 1
3 सचिव 1
4 सह सचिव 1
5 कोषाध्यक्ष 1
6 सदस्य न्यूनतम 6 अथवा अधिक

1. समिति के पदाधिकारियों का चयन समिति के सदस्‍यों द्वारा सर्वसम्‍मती/चुनाव के माध्‍यम से किया जायेगा।

2. समिति के सदस्‍यों में महिला/पिछड़ा वर्ग/अजजा/अजा वर्ग से भी सहभागिता की जायेगी।

5) समिति के कार्य : 

प्रदेश में सतत् विकास लक्ष्‍य 2030 की प्राप्ति हेतु विभिन्न विभागों की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करना।

क्रमांक प्रमुख विभाग योजना
1 महिला एवं बाल विकास लाडली लक्ष्मी योजना
2 पंचायत एवं ग्रामीण विकास 1. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
2. मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना
3. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)
4. मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना
5. स्वसहायता समूहों को क्रेडिट लिंकेज
3 सामाजिक न्याय एवं नि:शक्त जन कल्याण 1. इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना
2. विधवा पेंशन योजना
3. नि:शक्त पेंशन योजना
4. मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना
5. समग्र सामाजिक सुरक्षा योजना
6. कन्या विवाह/निकाह योजना
4 नगरीय विकास एवं आवास प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना
5 लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुष्मान भारत - निरामयम मध्यप्रदेश योजना
6 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जल जीवन मिशन
7 किसान कल्याण एवं कृषि विकास 1. कृषि अवसंरचना कोष
2. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
4. मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना
8 राजस्व विभाग स्वामित्व योजना
9 नवकरणीय ऊर्जा ऊर्जा साक्षरता अभियान
10 लोक सेवा प्रबंधन सी.एम. जनसेवा योजना

 

उक्‍त योजनाओं के अतिरिक्‍त शासन के निर्देशानुसार अन्‍य विभागों की योजनाओं के क्रियांवयन में भी सहयोग प्रदान किया जावेगा। 

उक्‍त समस्‍त योजनाओं का प्रचार-प्रसार, योजना से लाभार्थियों की जानकारी तथा शेष बचे हितग्राहियों की सूची तैयार कर संबंधित विभाग को उपलब्‍ध कराना। योजनाओं का मूल्‍यांकन व अनुश्रवण, सामाजिक अंकेक्षण एवं प्रभाव के विश्‍लेषण में सहयोग करना। विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर संचालित कार्यक्रमों में सहयोग करना।

अन्य कार्य

  • 01-01 नर्सरी की स्‍थापना करना तथा विकास के अन्‍य विषयों जैसे- जल संरक्षण, सबको शिक्षा सहित भारतीय संस्कारों की शिक्षा, नशामुक्ति, सबको स्‍वास्‍थ, हरियाली/पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं साफ सफाई, ऊर्जा संरक्षण, कृषि को लाभकारी बनाना, कुपोषण एवं परिवार नियोजन, सामाजिक समरसता तथा विवाद रहित समाज/ग्राम आदि पर सामाजिक सहभागिता से कार्य करना।
  • वाचनालय, जनसूचना केन्‍द्रों तथा शिक्षा केन्‍द्रों का संचालन करना।
  • समिति के रूप में समस्‍त औपचारिक बैठकें आयोजित करनाएवं समस्‍त दस्‍तावेजों का संधारण करना।
  • समितियों द्वारा अपने कार्य का प्रतिवेदन परिषद के पोर्टल पर प्रत्‍येक सप्‍ताह अपलोड किया जावेगा।

6) प्रोत्‍साहन राशि (बजट) : 

  • समितियों परिषद के पोर्टल पर कार्यों की जानकारी अपलोड किया जाना उनकी सक्रियता का सूचक होगा।
  • सक्रिय समिति को प्रतिवर्ष प्रोत्‍साहन राशि राशि रू. 15 हजार (दो किश्‍तों में) निरंतर (कार्य संतोषजनक पाये जाने पर) प्रदान की जावेगी।
  • परिषद की प्रबंध समिति (संबंधित विकासखण्‍ड, जिला एवं संभाग समन्‍वयक) द्वारा वित्‍तीय वर्ष के प्रत्‍येक छ: माह में प्रस्‍फुटन समिति द्वारा किये गये कार्यो के प्रतिवेदन के आधार पर सक्रियता का आंकलन किया जावेगा। इस आधार पर कार्य संतोषजनक पाये जाने पर प्रबंध समिति की अनुशंसा अनुसार प्रथम/द्वितीय की राशि रूपये प्रस्‍फुटन समिति के खातों में हस्‍तां‍तरित की जावेगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अंतिम नवीनीकरण:12 Feb, 2026