नर्मदा पथ सर्वेक्षण (2009 - 10)
नर्मदा पथ सर्वेक्षण (2009–10)
परिषद् द्वारा नर्मदा विकास प्राधिकरण के आर्थिक सहयोग से परिक्रमा पथ पर कराये जाने वाले विकास कार्यो का स्थलवार चिन्हांकन करना एवं जहॉं पथ का पुनर्निर्धारण आवश्यक है, वहां पुनरीक्षित पथ को मानचित्र पर चिन्हित करने के उद्देश्य से नर्मदा पथ सर्वेक्षण का कार्य किया गया। प्रदेश के अनूपपुर जिले के अमरकंटक से झाबुआ जिले के सोंडवा विकासखण्ड तक नर्मदा नदी के दोनों तटों (दक्षिणी एवं उत्तरी तटों) का पूर्ण सर्वेक्षण किया गया। जिससे कि पथ हेतु मार्ग, विश्राम स्थल व अन्य सुविधाओं को चिन्हांकित किया जा सके।
सर्वेक्षण के दौरान एकत्र की गई जानकारी
- नर्मदा के किनारे स्थित परंपरागत मार्ग की स्थिति।
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आने वाले गाँव का व उनकी नर्मदा तट से दूरी।
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जंगल की स्थिति घना/छोटे जंगल/वीरान।
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मुख्य नदी में मिलने वाले नालों व नदियों के नाम, लम्बाई, चैड़ाई (औसत)।
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नदी के किनारे कटाव की स्थिति।
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नदी के किनारे आने वाले घाटों के नाम बड़े, छोटे, कच्चे।
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नर्मदा सेवा में सक्रिय नागरिकों के, संस्थाओं के नाम, पते तथा दूरभाष क्रमांक।
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परिक्रमा पथ पर कराये जाने वाले विकास कार्यों का स्थलवार चिन्हांकन।
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रात्रि आवास हेतु आश्रम, धर्मशालाऐं, मंदिरों की स्थिति व नाम, भवन स्वामी/ व्यवस्थापक प्रमुख के नाम, पता व दूरभाष क्रमांक।
परिषद द्वारा यह कार्य दिनांक 02 से 10 जनवरी 2010 तक नर्मदा प्रवाह के कुल 16 जिलों के 51 विकासखण्डों में सर्वेक्षण 171 पैदल यात्रियों (समन्वयकों) को भेजकर पूर्ण कराया गया। परिक्रमा पथ पर कराये जाने वाले विकास कार्यों को स्थलवार चिन्हित किया गया। जहाँ पथ का पुनर्निर्धारण आवश्यक है, वहां पुनरीक्षित पथ को मौके पर तथा मानचित्र पर चिन्हित किया गया। नर्मदा तटीय 16 जिलों के 51 विकासखण्डों के सर्वेक्षण मानचित्र जानकारी सहित तैयार कर नर्मदा विकास प्राधिकरण को सर्वेक्षण की पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।