मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद्

(योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन)

नर्मदा संरक्षण यात्रा (वर्ष 2015-16)

नर्मदा संरक्षण यात्रा (वर्ष 2015–16)

नर्मदा नदी के संरक्षण हेतु प्रयास किया जाना अत्‍यंत आवश्‍यक है। नर्मदा नदी में प्रदूषण की रो‍कथाम, जल/नदी संरक्षण तथा नदी एवं उसके संसाधनों का समुचित उपयोग हो सके इस हेतु जन समुदाय के सहयोग से सार्थक पहल किये जाने की आवश्‍यकता है। नर्मदा नदी के महत्‍व एवं संरक्षण की आवश्‍यकता को दृष्टिगत रखते हुए परिषद् द्वारा एक विशेष यात्रा के रूप में नर्मदा संरक्षण यात्रा का संचालन किया गया। यह यात्रा मुख्‍य रूप से जन जागरूकता एवं जन समुदाय के सहयोग से नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्रों में स्‍वच्‍छता एवं साफ-सफाई, मृदा एवं जल संरक्षण तथा प्रदूषण की रोकथाम के माध्‍यम से नर्मदा नदी के संरक्षण पर केन्द्रित रही। साथ ही नर्मदा नदी के तटों पर निवासरत्/कार्यरत जन समुदाय को टिकाऊ एवं कृषि की विविध विधियों के संबंध में जागरूक कर नर्मदा नदी के संरक्षण में उनकी भूमिका तथा जवाबदारी सुनिश्चित करने हेतु इस यात्रा का आयोजन किया गया। परिषद् द्वारा नर्मदा तटीय 16 जिलों के 51 विकासखण्डों के नर्मदा किनारे के ग्रामों के किसानों एवं ग्रामीणों को नदी व पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूक व शिक्षित करने के लिए 16 नवम्बर से 15 दिसम्बर 2015 तक मध्‍यप्रदेश राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड के सहयोग से नर्मदा संरक्षण यात्रा का संचालन किया गया।

उद्देश्य

  1. प्रदेश के नर्मदा तटीय ग्रामीणों को नदियों के संरक्षण हेतु शिक्षित करना।
  2. प्रदेश के नर्मदा तटीय किसानों को जैविक खेती हेतु शिक्षित करना।

  3. प्रदेश के नर्मदा तटीय ग्रामीणों को वृक्षारोपण हेतु जागरूक करना।

परिणाम

2840 किमी लम्बी इस यात्रा में नर्मदा नदी के उत्तकरी एवं दक्षिणी तटों पर स्थित कुल 126 ग्रामों के किसानों एवं ग्रामीणों को नदी व पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूक व शिक्षित किया गया।

 

 

 

 

अंतिम नवीनीकरण:29 Jan, 2026