मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद्

(योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन)

क्रांति यात्रा (2007 - 2008)

क्रांति यात्रा (2007–08)

भारतीय इतिहास की गौरवपूर्ण 1857 की क्रांन्ति के 150 वर्ष पूर्ण होने पर इस स्‍वतंत्रता संग्राम से जुडे ज्ञात अज्ञात वीर नायकों के बलिदान एवं एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्‍य से परिषद् द्वारा क्रांति यात्रा स्वराज संस्थान, संस्कृति विभाग के सहयोग से प्रदेश के समस्त 50 जिलों की 22,950 पंचायतों में निकाली गई। यात्रा अंतर्गत नुक्कड नाटक, कलश यात्रा, पदयात्रा, रैली, ग्रामवासियों के साथ संवाद, बुजुर्गो का सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, श्रमदान, प्रतियोगिताओं के माध्‍यम से सभी पंचायतों के व्यक्तियों से संपर्क किया गया। दीवार लेखन, प्रचार-प्रसार सामग्री का सभी पंचायतों में वितरण किया गया। म.प्र. के सभी 313 ब्लाकों को 955 सेक्टरों (लगभग 24 पंचायतों का) में विभाजित किया गया। प्रत्येक सेक्टर में सहज पहुँच एवं भौगोलिक समवार पंचायतों के जोड़े निर्मित किये गये तथा एक ग्राम पंचायत से दूसरी पंचायत तक दूरी का निर्धारण इस प्रकार किया गया, जिससे यह सुनिश्यित किया गया कि क्रांति यात्रा की दूरी कम से कम हो, जिससे यात्रियों को कठिनाई कम हुई एवं अधिक लोगों की सहभागिता रही। यह पूरी प्रक्रिया यात्रा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण थी। प्रत्येक सेक्टर में क्रांति यात्रा का दायित्व स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रदान किया गया। सभी जिलों की पंचायतों में संस्था, जनप्रतिनिधियों तथा विकासखण्ड के समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के सहयोग से 1857 मुक्ति संग्राम क्रांति यात्रा की व्यवस्थाओं के लिए सहयोग लिया गया। संस्थाओं द्वारा, जन प्रतिनिधियों से क्रान्ति यात्राओं के विषयक परिचर्चा के पश्चात प्रत्येक विकासखण्डों में प्रभारियों द्वारा क्रांति यात्रा के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। जनमानस में क्रांति यात्रा के लिए सदभावना जागरण हेतु प्रयास किये गये, जिससे क्रांति यात्रा का संदेश जन मानस तक पहुंच सके। समाचार पत्रों के माध्यम से भी क्रांति यात्रा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया गया।

प्रदेश में निकाली गई क्रांति यात्राओं का विवरण

कुल पंचायतों की संख्या: 22,950

कुल सेक्टरों की संख्या: 955

निकाली गई कुल यात्रा: 22,950

यात्राओं में शामिल कुल प्रतिभागी: 26,65,346

समापन कार्यक्रम में शामिल व्यक्ति: 20,25,690

यात्रा स्वागत में शामिल व्यक्ति: 18,77,596

प्रदेश में 40 जिला मुख्यालय में 22 मई से 22 जुलाई 2008 के दौरान एक शाम शहीदों के नाम भारत माता की आरती, बाबा मौर्य, द्वारा कथा कथन कार्यक्रम सम्पन्न किये गये। इनमें अपार जन समुदाय की भागीदारी रही। बाबा मौर्य ने संगीत एवं चित्रकला के अद्भुत चमत्कार दिखाकर सभी को राष्ट्र प्रेम के प्रति उमंग और उत्साह भर दिया।

अंतिम नवीनीकरण:29 Jan, 2026