मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद्

(योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन)

प्रदेश में संचालित स्वैच्छिक संगठनों की क्षमता वृद्धि परियोजना (2010-11)

प्रदेश में संचालित स्‍वैच्छिक संगठनों की क्षमता वृद्धि परियोजना (2010–11)

  1. म.प्र. के विकास हेतु शासन एवं स्वयं सेवी संस्थाओं का समन्वय के साथ कार्य करना, जिससे प्रयासों का दोहराव एवं उपलब्ध संसाधानों का दुरूपयोग रूक सकें। इस हेतु विकेन्द्रीयकृत नियोजन प्रक्रिया में प्रदेश में कार्यरत स्वैच्छिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु उनकी क्षमता वृद्धि निम्‍न उद्देश्‍यों के आधार पर की गई।
  2. स्वंयसेवी संस्थाओं से विकेन्द्रीकृत नियोजन, सामाजिक अंकेक्षण, समूदाय आधारित मूल्यांकन एवं अनुश्रवण, समंक विश्लेषण आदि विषयों पर क्षमता सम्पन्न स्त्रोत व्यक्तियों की जिला एवं यथा संभव विकासखण्ड स्तर तक उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  3. स्वयंसेवी संस्थाओं को आपसी अनुभवों से सीखने एवं शासकीय प्रक्रियाओं/योजनाओं/ नीतियों आदि को संशोधित/विकसित करने हेतु एकमत होकर सुझाव प्रस्तुत करने हेतु साझा मंच प्रदान करना।
  4. स्वयंसेवी संस्थाओं की उनके कार्यक्षेत्र के आधार पर क्षमतावृद्धि करना।
  5. विभिन्न शासकीय योजनाओं का मूल्यांकन करने हेतु स्वयंसेवी संस्थाओं की क्षमतावृद्धि कर उन्हें सहयोग एवं अवसर प्रदान करना।
  6. स्वयंसेवी संस्थाओं तथा शासन के मध्य समन्वयक अभिकरण के रूप में स्थापित होने के लिये म.प्र. जन अभियान परिषद् की क्षमतावृद्धि करना।
  7. प्रदेश के प्रत्येक जिले से 25-25 स्वैच्छिक संगठनों का जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा वरीयता के आधार पर चयन कर विकेन्‍द्रीकृत नियोजन से जुडे विभिन्न विषयों जैसे- मूल्यांकन एवं अनुश्रवण, विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण, समंक विश्लेषण एवं परियोजना निर्माण पर गरीबी अनुश्रवण एवं नीति सहायता इकाई, राज्य योजना आयोग के सहयोग से प्रदेश के समस्त 50 जिलों में 1250 स्वैच्छिक संगठनों की क्षमता वृद्धि की गई।

अंतिम नवीनीकरण:29 Jan, 2026